1 कुरि 7:7 - किताब-ए मुक़द्दस7 मैं चाहता हूँ कि तमाम लोग मुझ जैसे ही हों। लेकिन हर एक को अल्लाह की तरफ़ से अलग नेमत मिली है, एक को यह नेमत, दूसरे को वह। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20197 और मैं तो ये चाहता हूँ कि जैसा मैं हूँ वैसे ही सब आदमी हों लेकिन हर एक को ख़ुदा की तरफ़ से ख़ास तौफ़ीक़ मिली है किसी को किसी तरह की किसी को किसी तरह की। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा7 मैं तो यह चाहता हूं के जैसा मैं हूं सब मसीही मेरी तरह हों। लेकिन हर एक को ख़ुदा की तरफ़ से ख़ास-ख़ास तौफ़ीक़ मिली है, किसी को किसी तरह की, किसी को किसी तरह की। Viz kapitola |