1 कुरि 5:2 - किताब-ए मुक़द्दस2 कमाल है कि आप इस फ़ेल पर नादिम नहीं बल्कि फूले फिर रहे हैं! क्या मुनासिब न होता कि आप दुख महसूस करके इस बदी के मुरतकिब को अपने दरमियान से ख़ारिज कर देते? Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 और तुम अफ़सोस तो करते नहीं ताकि जिस ने ये काम किया वो तुम में से निकाला जाए बल्कि शेख़ी मारते हो। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा2 तुम फिर भी शेख़ी मारते हो! तुम्हें तो इस बात पर रंजो अफ़सोस होना चाहिये था। क्या तुम उस आदमी को जमाअत से ख़ारिज नहीं कर सकते थे? Viz kapitola |