1 कुरि 2:9 - किताब-ए मुक़द्दस9 दानाई के बारे में पाक नविश्ते भी यही कहते हैं, “जो न किसी आँख ने देखा, न किसी कान ने सुना, और न इनसान के ज़हन में आया, उसे अल्लाह ने उनके लिए तैयार कर दिया जो उससे मुहब्बत रखते हैं।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20199 “बल्कि जैसा लिखा है वैसा ही हुआ जो चीज़ें न आँखों ने देखीं न कानों ने सुनी न आदमी के दिल में आईं वो सब ख़ुदा ने अपने मुहब्बत रखनेवालों के लिए तैयार कर दीं।” Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा9 मगर किताब-ए-मुक़द्दस में लिख्खा है: “जो न तो किसी आंख ने देखा, न किसी कान ने सुना, न किसी इन्सान के दिल में आया” उसे ख़ुदा ने उन के लिये तय्यार किया है जो उस से महब्बत रखते हैं। Viz kapitola |