1 कुरि 2:6 - किताब-ए मुक़द्दस6 दानाई की बातें हम उस वक़्त करते हैं जब कामिल ईमान रखनेवालों के दरमियान होते हैं। लेकिन यह दानाई मौजूदा जहान की नहीं और न इस जहान के हाकिमों ही की है जो मिटनेवाले हैं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20196 फिर भी कामिलों में हम हिक्मत की बातें कहते हैं लेकिन इस जहान की और इस जहान के नेस्त होनेवाले हाकिमों की अक़्ल नहीं। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा6 फिर भी हम उन से जो रूहानी तौर पर बालिग़ हैं हिक्मत की बातें कहते हैं। लेकिन वह इस जहान की हिक्मत नहीं है और न ही इस जहान के हुक्काम का जो नेस्त होते जा रहे हैं। Viz kapitola |