1 कुरि 2:13 - किताब-ए मुक़द्दस13 यही कुछ हम बयान करते हैं, लेकिन ऐसे अलफ़ाज़ में नहीं जो इनसानी हिकमत से हमें सिखाया गया बल्कि रूहुल-क़ुद्स से। यों हम रूहानी हक़ीक़तों की तशरीह रूहानी लोगों के लिए करते हैं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201913 और हम उन बातों को उन अल्फ़ाज़ में नहीं बयान करते जो इंसानी हिक्मत ने हम को सिखाए हों बल्कि उन अल्फ़ाज़ में जो रूह ने सिखाए हैं और रूहानी बातों का रूहानी बातों से मुक़ाबिला करते हैं। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा13 हम यह बातें उन अल्फ़ाज़ में बयान नहीं करते, जो इन्सानी हिक्मत के सिखाए हुए हों बल्के पाक रूह के सिखाए हुए अल्फ़ाज़ बयान करते हैं, गोया रूहानी बातों के लिये रूहानी अल्फ़ाज़ इस्तिमाल करते हैं। Viz kapitola |