1 कुरि 15:54 - किताब-ए मुक़द्दस54 जब इस फ़ानी और मरनेवाले जिस्म ने बक़ा और अबदी ज़िंदगी का लिबास पहन लिया होगा तो फिर वह कलाम पूरा होगा जो पाक नविश्तों में लिखा है कि “मौत इलाही फ़तह का लुक़मा हो गई है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201954 जब ये फ़ानी जिस्म बक़ा का जामा पहन चुकेगा और ये मरने वाला जिस्म हमेशा हमेशा का जामा पहन चुकेगा तो वो क़ौल पूरा होगा जो कलाम लिखा है “मौत फ़तह का लुक़्मा हो जाएगी। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा54 और जब फ़ानी जिस्म बक़ा का लिबास पहन चुकेगा, और यह मरने वाला जिस्म हयात अब्दी पा लेगा, तो यह किताब-ए-मुक़द्दस का फ़रमान पूरा हो जायेगा: “मौत फ़तह का लुक़मा हो गई है।” Viz kapitola |