1 कुरि 15:32 - किताब-ए मुक़द्दस32 अगर मैं सिर्फ़ इसी ज़िंदगी की उम्मीद रखते हुए इफ़िसुस में वहशी दरिंदों से लड़ा तो मुझे क्या फ़ायदा हुआ? अगर मुरदे जी नहीं उठते तो इस क़ौल के मुताबिक़ ज़िंदगी गुज़ारना बेहतर होगा कि “आओ, हम खाएँ पिएँ, क्योंकि कल तो मर ही जाना है।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201932 जैसा कि कलाम में लिखा है कि अगर मैं इंसान की तरह इफ़िसुस में दरिन्दों से लड़ा तो मुझे क्या फ़ाइदा? अगर मुर्दे न जिलाए जाएँगे “तो आओ खाएँ पीएँ क्यूँकि कल तो मर ही जाएँगे।” Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा32 अगर मैं महज़ इन्सानी ग़रज़ से इफ़िसुस शहर में दरिन्दों से लड़ा तो मुझे क्या फ़ायदा हुआ? अगर मुर्दे ज़िन्दा नहीं किये जायेंगे, जैसा के मक़ूला है: “तो आओ खायें, और पीयें, क्यूंके कल तो मरना ही है।” Viz kapitola |