1 कुरि 15:2 - किताब-ए मुक़द्दस2 इसी पैग़ाम के वसीले से आपको नजात मिलती है। शर्त यह है कि आप वह बातें ज्यों की त्यों थामे रखें जिस तरह मैंने आप तक पहुँचाई हैं। बेशक यह बात इस पर मुनहसिर है कि आपका ईमान लाना बेमक़सद नहीं था। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 उसी के वसीले से तुम को नजात भी मिली है बशर्ते कि वो ख़ुशख़बरी जो मैंने तुम्हें दी थी याद रखते हो वर्ना तुम्हारा ईमान लाना बेफ़ाइदा हुआ। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा2 उसी के वसीले तुम नजात भी पाते हो। बशर्ते के तुम उस ख़ुशख़बरी को याद रखो जो मैंने तुम्हें दी थी। वर्ना, तुम्हारा ईमान लाना बेफ़ाइदा है। Viz kapitola |