1 कुरि 14:34 - किताब-ए मुक़द्दस34 ख़वातीन जमात में ख़ामोश रहें। उन्हें बोलने की इजाज़त नहीं, बल्कि वह फ़रमाँबरदार रहें। शरीअत भी यही फ़रमाती है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201934 औरतें कलीसिया के मज्मे में ख़ामोश रहें, क्यूँकि उन्हें बोलने का हुक्म नहीं बल्कि ताबे रहें जैसा तौरेत में भी लिखा है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा34 औरतें जमाअत के मज्मे में ख़ामोश रहें। उन्हें बोलने की इजाज़त नहीं बल्के ताबे रहें जैसा के तौरेत में भी मरक़ूम है। Viz kapitola |