1 कुरि 14:27 - किताब-ए मुक़द्दस27 ग़ैरज़बान में बोलते वक़्त सिर्फ़ दो या ज़्यादा से ज़्यादा तीन अशख़ास बोलें और वह भी बारी बारी। साथ ही कोई उनका तरजुमा भी करे। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201927 अगर बेगाना ज़बान में बातें करना हो तो दो दो या ज़्यादा से ज़्यादा तीन तीन शख़्स बारी बारी से बोलें और एक शख़्स तर्जुमा करे। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा27 अगर कुछ लोग बेगाना ज़बान में कलाम करना चाहें तो दो या ज़्यादा से ज़्यादा तीन शख़्स एक-एक कर के बोलें और कोई उन का तरजुमा करे। Viz kapitola |