1 कुरि 14:21 - किताब-ए मुक़द्दस21 शरीअत में लिखा है, “रब फ़रमाता है कि मैं ग़ैरज़बानों और अजनबियों के होंटों की मारिफ़त इस क़ौम से बात करूँगा। लेकिन वह फिर भी मेरी नहीं सुनेंगे।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201921 पाक कलाम में लिखा है ख़ुदावन्द फ़रमाता है, “मैं बेगाना ज़बान और बेगाना होंटों से इस उम्मत से बातें करूँगा तोभी वो मेरी न सुनेंगे।” Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा21 तौरेत में लिख्खा है ख़ुदावन्द फ़रमाता है: “मैं इस उम्मत से बेगाना ज़बानों में और बेगाना होंटों से बातें करूंगा, फिर भी उम्मत के लोग मेरी न सुनेंगे।” Viz kapitola |