1 कुरि 14:19 - किताब-ए मुक़द्दस19 फिर भी मैं ख़ुदा की जमात में ऐसी बातें पेश करना चाहता हूँ जो दूसरे समझ सकें और जिनसे वह तरबियत हासिल कर सकें। क्योंकि ग़ैरज़बानों में बोली गई बेशुमार बातों की निसबत पाँच तरबियत देनेवाले अलफ़ाज़ कहीं बेहतर हैं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201919 लेकिन कलीसिया में बेगाना ज़बान में दस हज़ार बातें करने से मुझे ये ज़्यादा पसन्द है, कि औरों की ता'लीम के लिए पाँच ही बातें अक़्ल से कहूँ। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा19 लेकिन जमाअत में किसी गैर ज़बान में दस हज़ार बातें कहने से मुझे यह ज़्यादा पसन्द है के औरों की तालीम के लिये सिर्फ़ पांच बातें अक़्ल से कहूं। Viz kapitola |