1 कुरि 14:16 - किताब-ए मुक़द्दस16 अगर आप सिर्फ़ रूह में हम्दो-सना करें तो हाज़िरीन में से जो आपकी बात नहीं समझता वह किस तरह आपकी शुक्रगुज़ारी पर “आमीन” कह सकेगा? उसे तो आपकी बातों की समझ ही नहीं आई। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201916 वर्ना अगर तू रूह ही से हम्द करेगा तो नावाक़िफ़ आदमी तेरी शुक्र गुज़ारी पर “आमीन” क्यूँकर कहेगा? इस लिए कि वो नहीं जानता कि तू क्या कहता है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा16 अगर तुम सिर्फ़ रूह ही से ख़ुदा की तारीफ़ करो, तो नावाक़िफ़ शख़्स तेरी शुक्र गुज़ारी पर कैसे “आमीन” कहेगा? क्यूंके वह नहीं जानता के तुम क्या कह रहे हो। Viz kapitola |