1 कुरि 12:26 - किताब-ए मुक़द्दस26 अगर एक अज़ु दुख में हो तो उसके साथ दीगर तमाम आज़ा भी दुख महसूस करते हैं। अगर एक अज़ु सरफ़राज़ हो जाए तो उसके साथ बाक़ी तमाम आज़ा भी मसरूर होते हैं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201926 पस अगर एक 'उज़्व दुःख पाता है तो सब आ'ज़ा उस के साथ दुःख पाते हैं। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा26 अगर बदन का एक उज़ू दुख पाता है तो सब आज़ा उस के साथ दुख पाते हैं और अगर एक उज़ू इज़्ज़त पाता है तो सब आज़ा उस की ख़ुशी में शरीक होते हैं। Viz kapitola |