1 कुरि 12:25 - किताब-ए मुक़द्दस25 ताकि जिस्म के आज़ा में तफ़रक़ा न हो बल्कि वह एक दूसरे की फ़िकर करें। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201925 ताकि बदन में जुदाई न पड़े, बल्कि आ'ज़ा एक दूसरे की बराबर फ़िक्र रख्खें। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा25 लेकिन बदन में तफ़्रिक़ा न हो बल्के उस के सब आज़ा एक दूसरे की बराबर फ़िक्र रखें। Viz kapitola |