1 कुरि 12:24 - किताब-ए मुक़द्दस24 इसके बरअक्स हमारे इज़्ज़तदार आज़ा को इसकी ज़रूरत ही नहीं होती कि हम उनका ख़ास एहतराम करें। लेकिन अल्लाह ने जिस्म को इस तरह तरतीब दिया कि उसने कमक़दर आज़ा को ज़्यादा इज़्ज़तदार ठहराया, Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201924 हालाँकि हमारे ज़ेबा आ'ज़ा मोहताज नहीं मगर ख़ुदा ने बदन को इस तरह मुरक्कब किया है, कि जो 'उज़्व मोहताज है उसी को ज़्यादा 'इज़्ज़त दी जाए। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा24 जिसे हम अपने दूसरे ज़ेबा आज़ा के लिये ज़रूरी नहीं समझते। मगर ख़ुदा ने बदन को ऐसे तरीक़े से बनाया है के उस के जिन आज़ा को कम अहम समझा जाता है वोही ज़्यादा इज़्ज़त के लाइक़ हैं, Viz kapitola |