Online Bible

- Reklamy -




1 कुरि 12:17 - किताब-ए मुक़द्दस

17 अगर पूरा जिस्म आँख ही होता तो फिर सुनने की सलाहियत कहाँ होती? अगर सारा बदन कान ही होता तो फिर सूँघने का क्या बनता?

Viz kapitola kopírovat

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 2019

17 अगर सारा बदन आँख ही होता तो सुनना कहाँ होता? अगर सुनना ही सुनना होता तो सूँघना कहाँ होता?

Viz kapitola kopírovat

उर्दू हमअस्र तरजुमा

17 अगर सारा बदन आंख ही होता तो वह कैसे सुनता? अगर सारा बदन कान ही होता तो वह कैसे सूंघता?

Viz kapitola kopírovat




1 कुरि 12:17

Následuj nás:

Reklamy


Reklamy