1 कुरि 11:7 - किताब-ए मुक़द्दस7 लेकिन मर्द के लिए लाज़िम है कि वह अपने सर को न ढाँके क्योंकि वह अल्लाह की सूरत और जलाल को मुनअकिस करता है। लेकिन औरत मर्द का जलाल मुनअकिस करती है, Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20197 अलबत्ता मर्द को अपना सिर ढाँकना न चाहिए क्यूँकि वो ख़ुदा की सूरत और उसका जलाल है, मगर 'औरत मर्द का जलाल है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा7 अलबत्ता मर्द को अपना सर नहीं ढांकना चाहिये क्यूंके वह ख़ुदा की सूरत पर है और उस से ख़ुदा का जलाल ज़ाहिर होता है। मगर औरत से मर्द का जलाल ज़ाहिर होता है। Viz kapitola |