1 कुरि 11:5 - किताब-ए मुक़द्दस5 और अगर कोई ख़ातून नंगे सर दुआ या नबुव्वत करे तो वह अपने सर की बेइज़्ज़ती करती है, गोया वह सर मुंडी है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20195 और जो 'औरत बे सिर ढके दुआ या नबुव्वत करती है वो अपने सिर को बेहुरमत करती है; क्यूँकि वो सिर मुंडी के बराबर है। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा5 और इसी तरह अगर कोई औरत इबादत में दुआ या नुबुव्वत करते वक़्त अपना सर नहीं ढांकती तो वह अपने सर की बेहुरमती करती है गोया उस ने सर मुंडवा दिया है। Viz kapitola |