1 कुरि 11:2 - किताब-ए मुक़द्दस2 शाबाश कि आप हर तरह से मुझे याद रखते हैं। आपने रिवायात को यों महफ़ूज़ रखा है जिस तरह मैंने उन्हें आपके सुपुर्द किया था। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 मैं तुम्हारी ता'रीफ़ करता हूँ कि तुम हर बात में मुझे याद रखते हो और जिस तरह मैंने तुम्हें रिवायतें पहुँचा दीं, उसी तरह उन को बरक़रार रखो। Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा2 मैं तुम्हारी तारीफ़ करता हूं के तुम ने मेरी सारी बातें याद रख्खी हैं और मेरी उस तालीम पर जो मैंने तुम्हें दी, अमल करते हो। Viz kapitola |