1 कुरि 10:29 - किताब-ए मुक़द्दस29 मतलब है अपने ज़मीर की ख़ातिर नहीं बल्कि दूसरे के ज़मीर की ख़ातिर। क्योंकि यह किस तरह हो सकता है कि किसी दूसरे का ज़मीर मेरी आज़ादी के बारे में फ़ैसला करे? Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201929 दीनी इम्तियाज़ से मेरा मतलब तेरा इम्तियाज़ नहीं बल्कि उस दूसरे का; भला मेरी आज़ादी दूसरे शख़्स के इम्तियाज़ से क्यूँ परखी जाए? Viz kapitolaउर्दू हमअस्र तरजुमा29 मेरा मतलब तुम्हारे ज़मीर से नहीं दूसरे शख़्स के ज़मीर से है, बल्के उस दूसरे का, भला मेरी आज़ादी दूसरे शख़्स के ज़मीर से क्यूं आज़माई जाये? Viz kapitola |