1 तवारीख़ 29:15 - किताब-ए मुक़द्दस15 अपने बापदादा की तरह हम भी तेरे नज़दीक परदेसी और ग़ैरशहरी हैं। दुनिया में हमारी ज़िंदगी साय की तरह आरिज़ी है, और मौत से बचने की कोई उम्मीद नहीं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201915 क्यूँकि हम तेरे आगे परदेसी और मुसाफ़िर हैं जैसे हमारे सब बाप — दादा थे। हमारे दिन रू — ए — ज़मीन पर साये की तरह हैं, और क़याम नसीब नहीं। Viz kapitola |