1 तवारीख़ 28:7 - किताब-ए मुक़द्दस7 अगर वह आज की तरह आइंदा भी मेरे अहकाम और हिदायात पर अमल करता रहे तो मैं उस की बादशाही अबद तक क़ायम रखूँगा।’ Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20197 और अगर वह मेरे हुक्मों और फ़रमानों पर 'अमल करने में साबित क़दम रहे जैसा आज के दिन है, तो मैं उसकी बादशाही हमेशा तक क़ाईम रखूँगा। Viz kapitola |