1 तवारीख़ 28:1 - किताब-ए मुक़द्दस1 दाऊद ने इसराईल के तमाम बुज़ुर्गों को यरूशलम बुलाया। इनमें क़बीलों के सरपरस्त, फ़ौजी डिवीझ़नों पर मुक़र्रर अफ़सर, हज़ार हज़ार और सौ सौ फ़ौजियों पर मुक़र्रर अफ़सर, शाही मिलकियत और रेवड़ों के इंचार्ज, बादशाह के बेटों की तरबियत करनेवाले अफ़सर, दरबारी, मुल्क के सूरमा और बाक़ी तमाम साहबे-हैसियत शामिल थे। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20191 दाऊद ने इस्राईल के सब हाकिमों को जो क़बीलों के सरदार थे, और उन फ़रीक़ों के सरदारों को जो बारी बारी बादशाह की ख़िदमत करते थे, और हज़ारों के सरदारों और सैकड़ों के सरदारों, और बादशाह के और उसके बेटों के सब माल और मवेशी के सरदारों, और ख़्वाजा सराओं और बहादुरों बल्कि सब ताक़तवर सूर्माओं को येरूशलेम में इकट्ठा किया। Viz kapitola |