1 तवारीख़ 17:27 - किताब-ए मुक़द्दस27 अब तू अपने ख़ादिम के घराने को बरकत देने पर राज़ी हो गया है ताकि वह हमेशा तक तेरे सामने क़ायम रहे। क्योंकि तू ही ने उसे बरकत दी है, इसलिए वह अबद तक मुबारक रहेगा।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201927 और तुझे पसंद आया कि तू अपने बन्दे के घराने को बरकत बख़्शे, ताकि वह हमेशा तक तेरे सामने क़ाईम रहे; क्यूँकि तू ऐ ख़ुदावन्द बरकत दे चुका है, इसलिए वह हमेशा तक मुबारक है। Viz kapitola |