रोमि 5:16 - चितवनिया थारु16 इअ वसहि देल वरदानक परिनाम एक जन मन्सेक करल पापक परिनाम नहिँया हइने बडइ। आदमक करल पापक कारन मन्सावाह दोसि ठहरलइ हसे हुनुका दन्डक भागिदार भेलइ, बाकि मन्सावाह बहुत पाप करले फेनि परमेस्वर हुनुकाके वसहि निरदोस ठहरोलसि। Viz kapitola |