रोमि 12:2 - चितवनिया थारु2 इअ संसारक मन्सावानिक नहिँया तोहार चालचलन झिन हखइ, बाकि यापन सोच-विचारके परमेस्वरके बदले दिह। यसके करबह जउँ, तोहार जिवनमा परमेस्वरक इछा कथि बडइ कहके बुझे सकबह, कथि चिजु यसल बडइ, कुन चिजु परमेस्वरक मन परसइ हसे कथि चिजु सिद्ध बडइ उअ तोहार डउलसे थाह हतइ। Viz kapitola |