प्रकास 8:13 - चितवनिया थारु13 तब मुइ हेरलहिँ, यकसवा वपरा एगुडा जबड चिल यसके कहते जबड माहे बजइकि सुनलहिँ, “धरतियामा बास करलहरानिके धिकार! धिकार! धिकार! केहकेकि बाँकि रहलि तिन जन स्वरगदुतवा यापन-यापन धुतुहा फुकतइ जउँ, धरतियामा यउना विपति झन कसनुक हतइ?” Viz kapitola |