प्रकास 21:8 - चितवनिया थारु8 बाकि डरछेरुवासभ, विस्वास हइने करलहराह, घिन लगना काम करलहराह, हत्याराह, धुचुड करलहराह, मन्तरतन्तर करलहराह, मुरति पुजा करलहराह हसे झुठा फदकेलहरा जम्मे जनक भाग यागि हसे गन्धक बरल यागिक भठि हखइ। इअ दोसरो मृत्यु हखइ।” Viz kapitola |