प्रकास 2:20 - चितवनिया थारु20 बाकि तोर विरोधमा मुइ एगुडा बात कहेके बडइ। तुइ इजबेल कहल जनियानिक कहलि बतवा सुनसहि। उअ यपनहिँके अगमवादिनि कहसिय हसे यापन सिछासे मोर सेवकके भरममा पारके धुचुड करेके तके मुरतियाके चढोलि खइनवा चिजुवा खाए सिखोसिय। Viz kapitola |