प्रकास 2:17 - चितवनिया थारु17 जाकर कान बडइ, पवितर-आत्मा मन्डलियानिके कहलि बतवा सुनिह। जुने दुस्टक सक्तिके जितसइ, वकरेके मुइ गुप्तमा रखाइल किहो खइना चिजु देबहिँ, जकरेके मन्ना कहसइ। मुइ हुनुकाके एगुडा गोरहर पत्थरा फेनि देबहि, जाकरमा एगुडा लउठा नाउँ लिखाइल हतइ। इअ गोरहरि पत्थरवा पउलहरा मतरे उअ नउवा जनतइ। Viz kapitola |