प्रकास 18:12 - चितवनिया थारु12 कुनहुँ फेनि हुनुकर सोन, चाँनि, रत्न, मोति हसे मलमलक लुगा, जामुक रंङक लुगा, रेसमक लुगा, लाल रङक लुगा तके जम्मे खलिक बसान काठ, हाथिक दाँतसे बनल चिजु, बहुत मोल परना काठ, पितरिक चिजु, लोह हसे सिङमरमर नाहिँ किनतइ। Viz kapitola |