प्रकास 12:10 - चितवनिया थारु10 तब मुइ स्वरगमा यसके कहइकि एगुडा जबड स्वर सुनलहिँ, “याबे हमार परमेस्वरक मुक्ति, सक्ति, राज हसे ख्रिस्ट यापन सासन करना अधिकार देखोले बडसि। केहकेकि हमार विस्वासि भयवानिके दोस लगोलहर, जुने हमार परमेस्वरक यागा हुनुकाके दिन-रात दोस लगोलहरा सइतनवा स्वरगसे फकाइल बडिय। Viz kapitola |