प्रकास 10:1 - चितवनिया थारु1 वकरपाछा मुइ दोसरे सक्तिसालि स्वरगदुतके स्वरगसे तर यवइकि देखलहिँ। वकर देहिया लुगा घेउटाइल नहिँया बादरसे घेउटाइल रहलइ हसे मुडवा वपरा धनबास रहलइ। वकर मोहडवा बेरिया नहिँया तके वकर टङवाह यागिक खामा नहिँया रहलइ। Viz kapitola |