मतिक लिखल सुसमाचार 9:17 - चितवनिया थारु17 “वसने करके कुनहुँ फेनि पुरान छालक-मसकमा लउठा अंङगुरक मोद हइने धरसइ, यगर धरले जउँ पुरनि छलवाक-मसकावामा फटतइ हसे जम्मे मोदवा हरकतइ। बरु लउठा अंङगुरक मोद लउठि छलवाक-मसकावामा धरे परतइ हसे दुन्हुँ सुरछित रहतइ।” Viz kapitola |