मतिक लिखल सुसमाचार 27:24 - चितवनिया थारु24 जब पिलातस वकरसे किहो नाहिँ हतइ कहके देखलिय, तब उअ हुलदाङा हतइ कहके सोचके जम्मे मन्सावानिक यागा पनिया लेके हसे यापन हथवा धोउते कहलिय, “इअ मन्सावाके मारलि दोस मोर वपरा हइने बरु तोहार वपरा लगतइ।” Viz kapitola |