मतिक लिखल सुसमाचार 23:27 - चितवनिया थारु27 “अरे कपटि व्यवस्थाक-गुरुसभ हसे फरिसियाह, तोहराके धिकार बडइ! केहकेकि तोहरा त चुना लगावल चिन्डि नहिँया बडह, जुन बाहरासे हेरइकि डउल देखार हसइ, बाकि भितरा मरल मन्सेक हाड हसे जम्मे असुद्ध चिजुसे भरल रहसइ। Viz kapitola |