मतिक लिखल सुसमाचार 23:23 - चितवनिया थारु23 “अरे कपटि व्यवस्थाक-गुरुसभ हसे फरिसियाह, तोहराके धिकार बडइ! तोहरा पुदिना, सुप हसे जिराक दसांस देसह, बाकि न्याय, दाया हसे विस्वासिलो नहिँया व्यवस्थाक मुख्य बिसयसभके हेला करसह। याको जम्मे करलिसाङे तोहरा न्याय, दाया हसे विस्वास फेनि करिह। Viz kapitola |