मतिक लिखल सुसमाचार 23:13 - चितवनिया थारु13 “अरे कपटि व्यवस्थाक-गुरुसभ हसे फरिसियाह, तोहराके धिकार बडइ! केहकेकि तोहरा याको मन्सावानिके स्वरग राजक दुवरिया बन्द करले बडह। तोहरा यपनहिँ हइने पेससह हसे दोसरि जनके फेनि भितरा पेसे हइने देसह। Viz kapitola |