मतिक लिखल सुसमाचार 22:4 - चितवनिया थारु4 उहेसे उअ फेरि दोसरि बहरियावानिके यसके कहके पठोलिय, ‘नेउता पउलहरानिके कहह, मुइ बियाहवाक भोजवा तयार करसकले बडहिँ, मोर थुल-थुल पसुसभ मारले बडहिँ हसे जम्मे चिजुसभ ठिकठाक पारल बडइ। याबे बियाहवाक भोजवामा यउह।’ Viz kapitola |