मतिक लिखल सुसमाचार 21:28 - चितवनिया थारु28 वकरपाछा येसुजि हुनुकाके फेरि यसके कहलसि, “मुइ तोहराके एगुडा दृस्टान्त कहबहिँ हसे उअ सुनके तोहरा यापन विचार कहे सकबह। एक जन मन्सेक दु गो बेटा रहलइ। उअ यापन बडकि बेटवा लघिना जाके कहलिय, ‘अरे मोर बेटवा, तुइ अंङगुरवाक बरियामा जाके याजु काम करसि।’ Viz kapitola |