मतिक लिखल सुसमाचार 20:25 - चितवनिया थारु25 बाकि येसुजि हुनुका जम्मे जनके बलाके कहलसि, “तोहार थाह बडइ कि, अयहुदि मन्सावानिक सासकसभ यापन परजावानिक वपरा मनपरि सासन चलोसइ हसे हुनुकर बडकि हकिमवाह हुनुकर तरक मन्सावानि वपरा यापन अधिकार जमोसइ। Viz kapitola |