मतिक लिखल सुसमाचार 18:28 - चितवनिया थारु28 “बाकि उअ बहरियावा वहवाँसे निकडके जाइखुनि यापनसाङे काम करलाहर एक जन सङहतियाके भेटलिय, जुने वकरसे एक सय चाँनिक पइसा रिन लेले रहलिय। उअ वकर घेन्टिया पकडके यसके कहलिय, ‘मोरसे लेलि रिनवा तिरबेकरहि।’ Viz kapitola |