मतिक लिखल सुसमाचार 15:32 - चितवनिया थारु32 वकरपाछा येसुजि यापन चेलवानिके बलाके यसके कहलसि, “इअ मन्सावानिके देखके मोर गहनि सोग लगइ बडइ, केहकेकि हिनिका मोरसाङे रहल याजु तिन दिन भेलइ हसे हिनिकरसाङे खाएके तहिँया किहो चिजु फेनि हइने बडइ। मुइ हिनिकाके भुखले पठावे नाहिँ चाहबहिँ, केहकेकि हिनिका पइडवामा मुरछा परतइ।” Viz kapitola |