लुका 10:21 - चितवनिया थारु21 तखनहिँ येसुजि पवितर-आत्माक आनन्दसे भराके यसके कहलसि, “हे परमेस्वर पिता, स्वरग हसे धरतिक मालिक, मुइ यपनहुँके धन्यवाद देइ बडहिँ, केहकेकि यपनहुँ बुद्धियार हसे हुसियारिनसे लोकाके बाचाक नहिँया नम्र मन्सावानिके इअ जम्मे बात देखोलहुँ। हँ पिता, इअ यपनहुँक इछा रहलइ। Viz kapitola |