हिब्रु 4:12 - चितवनिया थारु12 केहकेकि परमेस्वरक वचन त जिउते हसे सक्तिसालि बडइ तके इअ दुन्हुँवरि धार भेल तरवारसे फेनि तधार हसइ। इअ प्रान हसे आत्माक भितरा पुगके जोरवा तके हडवा भितराक सिहुवाके भाग-भाग पारइलइ वारपार छिदसइ। परमेस्वरक वचन मन्सेक हृदयक विचार हसे इछा जाँचे सकसिय। Viz kapitola |