गलाति 2:2 - चितवनिया थारु2 परमेस्वर मोरके जाए कहलेसे मुइ वहवाँ गेलहिँ। मुइ वहवाँ पुगलेपर नाउँ चलल मन्डलियाक यगुवासभके गुप्त रुपमा भेटलहिँ हसे अयहुदि मन्सावानिके मोर सुनोलि खुसिक समादक बारेमा हुनुकाके प्रस्ट पारदेलहिँ। मुइ इअ यकर तहिँया करलहिँ कहके हुनुका जनतइ कि जथि मुइ पहिला परचार करके सिछा देलहिँ उअ ठिक रहलइ हसे यखनि उअ फेनि व्यरथ झिन हखइ। Viz kapitola |