कल्लसि 2:2 - चितवनिया थारु2 हुनुका हृदयमा सहास पावे सकइ हसे प्रेमक बन्धनमा एक हखे सकइ कहके मुइ यसके करले हखहि। यसनुक हतइ जउँ हुनुका आत्मिकि रुपसे एकदम धनि भके परमेस्वरक रहस्यक ग्यान, जुने ख्रिस्ट हखसि हुनेके पुरा रुपसे बुझे सकतइ। Viz kapitola |