कल्लसि 2:18 - चितवनिया थारु18 झुठा नम्रता देखोते, “हमरा दर्सन पउले बडहुँ” कहके स्वरगदुतवानिक पुजा करलाहर हसे यपनहिँके महान ठानलाहर मन्सेसभ बडइ। हुनुकर यसनुक छलि बातमा फसके तोहरा यापन पावे परना इनाम झिन गुमोइय। यसनुक मन्सेसभ बिना कारन देहियाक स्वभावक ग्यानसे फुलल रहसइ। Viz kapitola |