प्रेरित 24:20 - चितवनिया थारु20-21 बरु मुइ ‘मरलि मन्सावाह फेरि जिउततइ कहके विस्वास करलेसे याजु यपनहुँसभक यागा मोर मुदा चलइ बडइ।’ मोर विरोधमा दोस लगोलहराह इअ एगुडा मतरे बिसयमा मोर विरोधमा उजुरि लगावे सकतइ, केहकेकि महासभाक यागा हाजिर हखइखुनि इअ बतवा मुइ जबड माहे चिल्लाके कहले रहलइ। यगर यकर अलावा हुनुका मोरमा किहो दोस पउले रहलइ जउँ, याबे हुनुका यपनहिँ कहे सकतइ।” Viz kapitola |